Rank Math SEO Setup Wizard: दोस्तों, पिछले आर्टिकल में हमने विस्तार से जाना था कि Rank Math SEO क्या है, यह हमारी वर्डप्रेस वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी है और इसे इंस्टॉल कैसे किया जाता है। अगर आपने वह पोस्ट नहीं पढ़ी है, तो आप ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करके उसे पढ़ सकते हैं, ताकि बेसिक बातें समझने में कोई दिक्कत न आए।
उसी पहली कड़ी को आगे बढ़ाते हुए, आज के इस आर्टिकल में हम सीधे Rank Math Setup Wizard और इसकी कुछ बहुत जरूरी Advanced Settings के बारे में बात करेंगे।
इस पूरी गाइड में हम स्टेप-बाय-स्टेप सीखेंगे कि कैसे इस दमदार प्लगइन को अपनी साइट पर सही तरीके से कनेक्ट और configure किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि हम हर प्रक्रिया को बिल्कुल आसान और प्रैक्टिकल भाषा में समझेंगे, ताकि बिना किसी टेक्निकल झंझट के आपकी वेबसाइट का एसईओ तुरंत मजबूत हो जाए। तो चलिए, बिना देर किए सीधे सेटअप की शुरुआत करते हैं!
Table of Contents
Rank Math Setup Wizard क्या होता है?
Rank Math Setup Wizard वर्डप्रेस का एक इनबिल्ट और बहुत ही स्मार्ट ऑटोमेटेड सेटअप टूल है। जब आप अपनी वेबसाइट पर Rank Math प्लगइन एक्टिवेट करते हैं, तो यह विजार्ड खुद-ब-खुद एक्टिव हो जाता है। इसकी मदद से आप बिना किसी कोडिंग या तकनीकी झंझट के अपनी वेबसाइट की बुनियादी एसईओ सेटिंग्स (जैसे साइट का नाम, गूगल सर्च कंसोल, सोशल मीडिया लिंक्स और स्कीमा मार्कअप) को सिर्फ कुछ ही क्लिक्स में आसानी से व्यवस्थित कर लेते हैं।
Rank Math SEO सेटअप करने के क्या फायदे हैं?
- समय की बचत: आपको हर सेटिंग मैन्युअली अलग-अलग जाकर नहीं करनी पड़ती, विजार्ड सब कुछ एक ही जगह पर सेट करवा देता है।
- बेहतर एसईओ स्कोर: यह शुरुआती स्तर पर ही आपकी साइट को गूगल के अनुकूल बना देता है, जिससे सर्च इंजन आपके पेजेस को आसानी से समझ पाता है।
- ऑटोमेशन: गूगल एनालिटिक्स और सर्च कंसोल जैसी जरूरी सर्विस सीधे आपके वर्डप्रेस डैशबोर्ड से जुड़ जाती हैं, जिससे ट्रैफिक ट्रैक करना आसान हो जाता है।
अपने लेख में SEO करना क्यों जरूरी है?
अगर आप अपनी नई या पुरानी वर्डप्रेस वेबसाइट को गूगल पर रैंक कराना चाहते हैं, तो इसका बेसिक एसईओ मजबूत होना बेहद जरूरी है। बिना सही सेटअप के गूगल बॉट्स (Crawlers) को आपकी साइट का स्ट्रक्चर समझने में दिक्कत आ सकती है। Rank Math Setup Wizard आपके ब्लॉग की नींव को मजबूत करता है, जिससे आगे चलकर आपके आर्टिकल्स के गूगल में रैंक करने के चांस काफी बढ़ जाते हैं।
अब चलिए, Rank Math SEO के विजार्ड सेटअप के प्रोसेस को आगे बढ़ाते हैं और स्टेप-बाय-स्टेप देखते हैं कि हमें आगे क्या-क्या और कैसे-कैसे सेटिंग्स करनी हैं।
Step 1: Plugin Install और Setup Wizard शुरू करना
वर्डप्रेस में Rank Math SEO प्लगइन को सक्सेसफुली इंस्टॉल और एक्टिवेट करने के लिए, सबसे पहले अपने वर्डप्रेस डैशबोर्ड में जाएं। इसके बाद Plugins > Add New पर क्लिक करें और सर्च बॉक्स में “Rank Math SEO” लिखकर उसे Install और Activate कर दें।
प्लगइन एक्टिवेट होते ही आपके सामने अपने आप एक Setup Wizard खुल जाएगा जो आपको पूरे सेटअप प्रोसेस में आसानी से गाइड करेगा।
SEO Notice: you just changed the slug of a Page and Rank Math has automatically created a redirection. You can edit the redirection by clicking here.
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अगर आप किसी वजह से तुरंत विजार्ड में नहीं जाते हैं, तो वर्डप्रेस डैशबोर्ड के लेफ्ट साइड वाले मेनू में Rank Math SEO» पर क्लिक करके इसके मुख्य डैशबोर्ड» पर जा सकते हैं। इस पेज पर आने के बाद, ऊपर दिए गए टैब्स में से सीधे Setup Wizard» वाले विकल्प पर क्लिक करें, ताकि आप बिना किसी रुकावट के इसके कॉन्फ़िगरेशन प्रोसेस को शुरू कर सकें।
फायदे: इसमें कोई कोडिंग या तकनीकी झंझट नहीं करना पड़ता, सब कुछ बिल्कुल आसान और गाइडेड स्टेप्स में हो जाता है।
Step 2: User Mode चुनना (Easy vs Advanced)
जब आप Rank Math का सेटअप विजार्ड शुरू करते हैं, तो आपके सामने स्क्रीन पर तीन अलग-अलग मोड्स आते हैं — Easy, Advanced और Custom Mode (जैसा तस्वीर में दिखाया गया है)। यहाँ आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सही मोड चुनना होता है।
Advanced मोड क्यों चुनें: हालांकि शुरुआती लोगों को Easy Mode आसान लग सकता है, लेकिन अगर आपको अपनी वेबसाइट की हर एक एसईओ सेटिंग पर पूरा कंट्रोल चाहिए, तो हमेशा Advanced विकल्प को ही सेलेक्ट करें। इसके बाद नीचे दिए गए नीले Start Wizard बटन पर क्लिक करें।
फायदे: Advanced मोड चुनने से आपको हर छोटी-बड़ी सेटिंग (जैसे स्कीमा, रीडायरेक्शन और रोल मैनेजर) को अपने हिसाब से मैनेज करने की पूरी आज़ादी मिल जाती है।
- नुकसान या सावधानी: इस मोड में कई सारे विकल्प मिलते हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे किसी अनजान सेटिंग को न बदलें, वरना वेबसाइट के एसईओ पर बुरा असर पड़ सकता है।
Step 3: Your Site (वेबसाइट की बुनियादी जानकारी भरना)
A squared image is preferred by the search engines.
जब आप सेटअप विजार्ड के दूसरे स्टेप को पूरा करके आगे बढ़ते हैं, तो आपके सामने Your Site वाला पेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। इस पेज पर आपको अपनी वेबसाइट की पहचान से जुड़ी जानकारी नीचे दिए गए क्रम के अनुसार भरनी है:
- Website Type (ब्लॉग का प्रकार चुनना): सबसे ऊपर आपको यह चुनना होता है कि आपकी साइट किस कैटेगरी की है (जैसे Personal Blog, Community Blog, या News Site)। आप अपनी वेबसाइट के हिसाब से सही ऑप्शन चुनें, जैसे यहाँ Personal Blog सेलेक्ट किया गया है।
- Website Name (वेबसाइट का नाम): इस बॉक्स में आपको अपनी वेबसाइट का असली नाम डालना है (जैसे NovaBriefly), जो गूगल सर्च रिजल्ट्स में दिखाई देगा।
- Website Alternate Name (वैकल्पिक नाम): अगर आपकी साइट का कोई छोटा नाम, शॉर्ट फॉर्म या एronym (जैसे NBT) है, तो आप उसे यहाँ भर सकते हैं। अगर नहीं है, तो इसे खाली भी छोड़ सकते हैं।
- Person/Organization Name (व्यक्ति या संस्था का नाम): यहाँ आपको अपना खुद का नाम या अपनी कंपनी/ब्रांड का नाम लिखना है। यह नाम गूगल के Knowledge Panel और सर्च इंजन में ब्रांड अथॉरिटी के लिए इस्तेमाल होता है।
- Logo for Google (गूगल के लिए लोगो अपलोड करना): यहाँ आपको अपनी साइट का एक स्क्वेयर (Square) लोगो अपलोड करना होता है (साइज कम से कम 112×112 px होना चाहिए)। इससे गूगल सर्च में आपके ब्रांड का लोगो अच्छे से दिखाई देता है।
- Default Social Share Image (सोशल मीडिया शेयर इमेज): जब आप अपनी किसी पोस्ट को फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करते हैं और उस पोस्ट में कोई इमेज नहीं होती, तब यह डिफ़ॉल्ट इमेज वहाँ थंबनेल के रूप में शो होती है (इसका सुझाया गया साइज 1200 x 630 pixels है)।
- Save and Continue पर क्लिक करना: इन सभी डिटेल्स को सही-सही भरने के बाद, सबसे नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” बटन पर क्लिक कर देना है, ताकि आप अगले स्टेप पर बढ़ सकें।
फायदे: यह सारी जानकारी भरने से गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आपकी वेबसाइट की सही पहचान (Brand Identity) समझने में बहुत आसानी होती है।
Step 4: Connect Google Services (Analytics और Search Console जोड़ना)
Enable this option to show the Index Status tab in the Analytics module. Learn more.
Enable this option only if you are not using any other plugin/theme to Install Google Analytics code.
PRO Google AdSense support is only available in Rank Math Pro’s Advanced Analytics module.
We do not store any of the data from your Google account on our servers, everything is processed & stored on your server. We take your privacy extremely seriously and ensure it is never misused. Learn more.
Receive Analytics reports periodically in email. Learn more about Email Reports.
जब आप वेबसाइट की बेसिक जानकारी भरकर आगे बढ़ते हैं, तो आपके सामने Connect Google Services वाला पेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। इस पेज पर आपको अपनी वेबसाइट को गूगल की मुख्य सर्विस से जोड़ना होता है, जिसे नीचे दिए गए क्रम के अनुसार सेट करना है:
- Search Console (सर्च कंसोल जोड़ना): इस सेक्शन में आपको अपनी वेबसाइट का सही URL (जैसे [https://thenovabriefly.com/](https://thenovabriefly.com/)) सेलेक्ट करना होता है। इसके साथ ही “Enable the Index Status tab” वाले ऑप्शन को ऑन कर दें, ताकि आप एनालिटिक्स मॉड्यूल के अंदर ही इंडेक्सिंग का स्टेटस देख सकें।
- Analytics (गूगल एनालिटिक्स जोड़ना): यहाँ आपको अपने गूगल अकाउंट से जुड़ा Account, Property, और Data Stream के विकल्प ड्रॉप-डाउन से सही-सही चुनने होते हैं, ताकि आपकी साइट का ट्रैफिक ट्रैक हो सके।
- Install Analytics Code: अगर आपने अपनी वेबसाइट पर गूगल एनालिटिक्स का कोड जोड़ने के लिए कोई दूसरा प्लगइन या थीम इस्तेमाल नहीं किया है, तो इस ऑप्शन को Enable कर दें, ताकि Rank Math खुद-ब-खुद एनालिटिक्स कोड को जोड़ दे।
- Exclude Logged-in Users: इस ऑप्शन को हमेशा ऑन रखें। इससे जब आप या आपकी टीम वेबसाइट में लॉगिन करके काम करती है, तो वह विजिट्स गूगल एनालिटिक्स में काउंट नहीं होतीं और आपका रियल ट्रैफिक डेटा एकदम सही रहता है।
- Email Reports (ईमेल रिपोर्ट्स): पेज के नीचे आपको Email Reports का ऑप्शन मिलता है, इसे ऑन करने से आपको समय-समय पर अपनी वेबसाइट के परफॉर्मेंस और ट्रैफिक की रिपोर्ट्स सीधे आपके ईमेल पर मिलती रहती हैं।
- Save and Continue पर क्लिक करना: सभी सेटिंग्स को सही से चुनने के बाद, नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” बटन पर क्लिक कर दें।
फायदे: इसे जोड़ने से आपको वर्डप्रेस डैशबोर्ड के अंदर ही रियल-टाइम ट्रैफिक, कीवर्ड्स और परफॉर्मेंस का पूरा डेटा मिलने लगता है।
- सावधानी: हमेशा वही जीमेल अकाउंट कनेक्ट करें जो आपकी इस वेबसाइट से जुड़ा हुआ है, वरना डेटा सही शो नहीं होगा।
Step 5: Sitemaps सेटअप करना
XML Sitemaps help search engines index your website’s content more effectively.
Include reference to images from the post content in sitemaps. This helps search engines index your images better.
Select post types to enable SEO options for them and include them in the sitemap.
Select taxonomies to enable SEO options for them and include them in the sitemap.
जब आप गूगल सर्विसेज को कनेक्ट करके आगे बढ़ते हैं, तो आपके सामने Sitemap वाला पेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। इस पेज पर आपको अपनी वेबसाइट के लिए XML साइटमैप सेट करना होता है, जिसे नीचे दिए गए क्रम के अनुसार समझना है:
- Sitemaps (साइटमैप इनेबल करना): सबसे पहले ऊपर दिए गए Sitemaps टॉगल बटन को ऑन रखें। इससे गूगल और दूसरे सर्च इंजन आपकी वेबसाइट के कंटेंट को बहुत ही असरदार तरीके से इंडेक्स (Index) कर पाते हैं।
- Include Images (इमेजेस शामिल करना): Include Images वाले ऑप्शन को हमेशा ऑन रखें। इससे आपके ब्लॉग पोस्ट के अंदर मौजूद इमेजेस भी साइटमैप में जुड़ जाती हैं, जिससे सर्च इंजन आपकी तस्वीरों को बेहतर तरीके से समझ और रैंक कर पाता है।
- Public Post Types (पोस्ट टाइप्स चुनना): इस सेक्शन में आपको यह चुनना होता है कि आप अपने साइटमैप में क्या-क्या दिखाना चाहते हैं। यहाँ Posts, Pages और Stories वाले बॉक्स पर टिक (Check) लगा रहने दें, ताकि आपके ब्लॉग पोस्ट, पेज और वेब स्टोरीज गूगल तक आसानी से पहुँच सकें।
- Public Taxonomies (टैक्सोनॉमी चुनना): यहाँ Categories वाले ऑप्शन को सेलेक्ट रखें, ताकि आपकी पोस्ट्स की कैटेगरीज भी साइटमैप में शामिल हो जाएं (इससे यूजर एक्सपीरियंस और एसईओ दोनों बेहतर होते हैं)।
- Save and Continue पर क्लिक करना: इन सभी सेटिंग्स को अपनी जरूरत के मुताबिक सेट करने के बाद, नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” बटन पर क्लिक कर दें।
फायदे: सही साइटमैप होने से सर्च इंजन बॉट्स (Crawlers) को आपकी वेबसाइट के हर एक नए पेज और पोस्ट को ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होती, जिससे इंडेक्सिंग फास्ट हो जाती है।
Step 6: SEO Tweaks सेट करना (बेसिक एसईओ सेटिंग्स)
Setting empty archives to noindex is useful for avoiding indexation of thin content pages and dilution of page rank. As soon as a post is added, the page is updated to index.
Automatically add rel="nofollow" attribute for external links appearing in your posts, pages, and other post types. The attribute is dynamically applied when the content is displayed, and the stored content is not changed.
Automatically add a target="_blank" attribute to external links appearing in your posts, pages, and other post types. The attributes are applied when the content is displayed, which does not change the stored content.
जब आप साइटमैप सेटअप करके आगे बढ़ते हैं, तो आपके सामने SEO Tweaks वाला पेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। इस पेज पर कुछ स्मार्ट एसईओ सेटिंग्स ऑटोमेट करने को मिलती हैं, जिन्हें नीचे दिए गए क्रम के अनुसार समझना है:
- Noindex Empty Category and Tag Archives (खाली कैटेगरीज छिपाना): इस ऑप्शन को हमेशा On रखें। इससे आपकी वेबसाइट की वे कैटेगरीज या टैग्स जिनमें कोई पोस्ट नहीं होती, वे सर्च इंजन में इंडेक्स होने से बच जाती हैं और आपकी साइट पर “Thin Content” की समस्या नहीं आती।
- Nofollow External Links (बाहरी लिंक्स को Nofollow करना): अगर आप चाहते हैं कि आपके ब्लॉग से बाहर जाने वाले सभी एक्सटर्नल लिंक्स पर ऑटोमैटिक rel=”nofollow” लग जाए, तो इसे ऑन कर सकते हैं। आमतौर पर इसे Off रखना ही ठीक रहता है, जब तक कि आपको हर एक्सटर्नल लिंक को नोफॉलो न करना हो।
- Open External Links in New Tab/Window (नए टैब में लिंक खोलना): इस ऑप्शन को हमेशा On रखें। इससे जब भी कोई यूजर आपकी साइट पर किसी बाहरी लिंक पर क्लिक करता है, तो वह लिंक नए टैब में खुलता है और आपकी असली वेबसाइट खुली रहती है (जिससे यूजर बाउंस रेट सुधरता है)।
- Save and Continue पर क्लिक करना: इन सेटिंग्स को अपने हिसाब से चुनने के बाद, नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” बटन पर क्लिक कर दें।
फायदे: इन छोटे-छोटे ट्वेक्स (Tweaks) को सही से सेट करने से यूजर एक्सपीरियंस बेहतरीन होता है और वेबसाइट का एसईओ स्ट्रक्चर मजबूत बनता है।
Step 7: Ready! सेटअप पूरा होना और ‘Setup Advanced Options’ पर जाना
जब आप सारे बेसिक स्टेप्स पूरे कर लेते हैं, तो आपके सामने “Your site is ready!” का फाइनल मैसेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। अब इसे आगे बढ़ाने और मैनेज करने के लिए नीचे दिए गए क्रम को फॉलो करें:
- Auto-Update Enable करना: सबसे पहले स्क्रीन पर दिए गए “Enable auto update of the plugin” वाले टॉगल बटन को ऑन कर दें। इससे जब भी Rank Math का नया अपडेट आएगा, वह अपने आप अपडेट हो जाएगा और आपको बार-बार मैन्युअली करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- Setup Advanced Options पर क्लिक करना: बेसिक सेटअप पूरा होने के बाद आपको सीधे डैशबोर्ड पर वापस नहीं जाना है। इसके बजाय, स्क्रीन के सबसे नीचे दाहिने कोने में दिए गए नीले रंग के “Setup Advanced Options” बटन पर क्लिक करना है।
- Advanced Options में जाने के फायदे: इस बटन पर क्लिक करके आगे बढ़ने से आपको वेबसाइट पर पूरा कंट्रोल मिलता है। इससे आप Role Manager (किस यूजर को क्या परमिशन देनी है) सेट कर सकते हैं और गैर-जरूरी मॉड्यूल्स को बंद करके अपनी वेबसाइट के डेटाबेस को हल्का और सुपरफास्ट रख सकते हैं।
फायदे: यह बटन आपके सेटअप को बेसिक लेवल से उठाकर एक प्रोफेशनल और एडवांस लेवल पर ले जाता है, जिससे आपकी साइट का एसईओ पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत हो जाता है।
Step 8: Role Manager को सेट करना (Advanced Options)
The Role Manager allows you to use WordPress roles to control which of your site users can have edit or view access to Rank Math’s settings.
जब आप बेसिक सेटअप पूरा करने के बाद एडवांस्ड ऑप्शंस में आगे बढ़ते हैं, तो सबसे पहले आपके सामने Role Manager का पेज आता है (जैसा ऊपर तस्वीरों में दिखाया गया है)। इस पेज पर आपको यह कंट्रोल मिलता है कि आपकी वर्डप्रेस वेबसाइट पर किस यूजर या रोल को Rank Math की कौन-कौन सी सेटिंग बदलने की अनुमति देनी है, जिसे नीचे दिए गए क्रम के अनुसार समझना है:
- Role Manager को Enable करना: सबसे ऊपर दिए गए Role Manager टॉगल बटन को ऑन रखें, ताकि आप अलग-अलग यूजर रोल्स की पर्मिशंस को कंट्रोल कर सकें।
- Administrator (एडमिनिस्ट्रेटर सेटिंग्स): वेबसाइट के मुख्य ओनर या एडमिन के लिए सभी फीचर्स (जैसे Titles & Meta, Sitemap, Redirections, Analytics आदि) पर टिक (Check) लगा रहने दें, क्योंकि एडमिन के पास पूरा कंट्रोल होना जरूरी है।
- Editor और Author की पर्मिशंस: अगर आपकी साइट पर कोई Editor या Author काम करता है, तो उन्हें सिर्फ ऑन-पेज एसईओ (On-Page Analysis) या कंटेंट से जुड़े फीचर्स की परमिशन दें। सेंसिटिव सेटिंग्स (जैसे जनरल सेटिंग्स या रोल मैनेजर) के बॉक्स को अनटिक ही रखें।
- Contributor और Subscriber की सुरक्षा: Contributor और Subscriber जैसे लोअर रोल्स के सामने सभी बोक्सेस को अनटिक (Uncheck) रखें। इन्हें एसईओ सेटिंग्स बदलने की कोई जरूरत नहीं होती।
- Save and Continue पर क्लिक करना: रोल और पर्मिशंस को अपने हिसाब से सेट करने के बाद, पेज के सबसे नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” बटन पर क्लिक कर दें।
फायदे: इसे सही से सेट करने से आपकी वेबसाइट का बैकएंड पूरी तरह सुरक्षित रहता है और कोई दूसरा यूजर गलती से भी मुख्य एसईओ सेटिंग्स को बिगाड़ नहीं पाता।
- नुकसान या सावधानी: कभी भी लोअर रोल्स (जैसे सब्सक्राइबर या कंट्रीब्यूटर) को फुल एसईओ एडिटिंग का एक्सेस न दें, वरना आपकी साइट की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
Step 9: 404 Monitor और Redirections को सेट करना (Advanced Options)
The 404 monitor will let you see if visitors or search engines bump into any 404 Not Found error while browsing your site.
Set up temporary or permanent redirections. Combined with the 404 monitor, you can easily redirect faulty URLs on your site, or add custom redirections.
रोल मैनेजर के बाद जब आप आगे बढ़ते हैं, तो आपके सामने 404 + Redirection वाला पेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। इस पेज पर आपको टूटे हुए लिंक्स को ट्रैक करने और उन्हें सही जगह भेजने की सेटिंग्स करनी होती हैं, जिन्हें नीचे दिए गए क्रम के अनुसार समझना है:
- 404 Monitor को Enable करना: सबसे पहले ऊपर दिए गए 404 Monitor टॉगल बटन को ऑन कर दें। इससे जब भी कोई यूजर या गूगल बॉट आपकी साइट पर किसी ऐसे लिंक पर जाता है जो मौजूद नहीं है (यानी 404 Not Found एरर), तो यह मॉनिटर उसे तुरंत ट्रैक कर लेता है।
- Redirections को Enable करना: इसके नीचे दिए गए Redirections टॉगल बटन को भी ऑन कर दें। इसकी मदद से आप किसी भी खराब या टूटे हुए URL (Faulty URL) को किसी दूसरे नए और सही पेज पर आसानी से रीडायरेक्ट (Redirect) कर सकते हैं।
- Save and Continue पर क्लिक करना: इन दोनों जरूरी फीचर्स को ऑन करने के बाद, पेज के सबसे नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” बटन पर क्लिक कर दें।
नुकसान या सावधानी: अगर आप 404 एरर्स और टूटे हुए लिंक्स को नजरअंदाज करते हैं, तो वेबसाइट का बाउंस रेट बढ़ जाता है और यह सीधे तौर पर आपकी एसईओ रैंकिंग को नुकसान पहुँचाता है।
- फायदे: इसे चालू रखने से जब भी आपकी साइट पर कोई लिंक बदलता है या टूट जाता है, तो आपका कीमती एसईओ ट्रैफिक बर्बाद होने से बच जाता है और यूजर किसी दूसरे अच्छे पेज पर चले जाते हैं।
Step 10: Schema Markup को सेट करना (Advanced Options)
Use automatic structured data to mark up content, to help Google better understand your content’s context for display In Search. You can set different defaults for your posts here.
Default rich snippet selected when creating a new post of this type.
Google does not allow Person as the Publisher for articles. Organization will be used instead. You can read more about this here.
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404 और रीडायरेक्शन सेटअप करने के बाद जब आप आगे बढ़ते हैं, तो आपके सामने Schema Markup का पेज आ जाता है (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)। इस पेज पर आपको अपनी वेबसाइट के कंटेंट के लिए स्ट्रक्चर्ड डेटा सेट करना होता है, जिसे नीचे दिए गए क्रम के अनुसार समझना है:
- Schema Type को Enable करना: सबसे पहले ऊपर दिए गए Schema Type टॉगल बटन को ऑन रखें। इससे गूगल और दूसरे सर्च इंजन आपके कंटेंट के कॉन्टेक्स्ट को बहुत आसानी से समझ पाते हैं।
- Schema Type for Posts (पोस्ट्स के लिए स्कीमा): इस ड्रॉप-डाउन में Article सेलेक्ट करें और नीचे दिए गए आर्टिकल टाइप में से Blog Post को चुनें, ताकि आपके ब्लॉग आर्टिकल्स गूगल सर्च में सही तरीके से पहचाने जा सकें।
- Schema Type for Pages (पेजेस के लिए स्कीमा): पेजेस के लिए भी डिफ़ॉल्ट रूप से Article या अपनी जरूरत के हिसाब से सही ऑप्शन चुनें और उसका Article Type सेट करें।
- Schema Type for Web-stories (वेब स्टोरीज के लिए स्कीमा): अगर आप अपनी साइट पर वेब स्टोरीज बनाते हैं, तो इसके लिए भी Article या संबंधित स्कीमा टाइप को सेलेक्ट कर लें, जिससे स्टोरीज के रिच रिजल्ट्स मिलने में मदद मिलती है।
- Save and Continue पर क्लिक करना: इन सभी स्कीमा सेटिंग्स को सही से चुनने के बाद, पेज के सबसे नीचे दिए गए नीले रंग के “Save and Continue” या “Return to dashboard” बटन पर क्लिक कर दें।
फायदे: इसे सही से सेट करने से गूगल सर्च रिजल्ट्स में आपके आर्टिकल्स के साथ रिच स्निपेट्स और स्टार रेटिंग्स दिखाई देती हैं, जिससे आपका CTR (Click-Through Rate) काफी हद तक बढ़ जाता है।
- सावधानी: गूगल के नियमों के अनुसार, आर्टिकल्स के लिए Person की जगह Organization पब्लिशर के रूप में काम करता है, इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें।
Step 11: Return to Dashboard (मुख्य डैशबोर्ड पर लौटना)
- Unlimited personal websites
- Free 15-Day Content AI Trial
- Track 500 Keywords
- Powerful Schema Generator
- 24/7 Support
Track your brand’s AI search visibility. Monitor brand mentions, citations, & sentiment.
Get sophisticated AI suggestions for related Keywords, Questions & Links to include.
Records the URLs on which visitors & search engines run into 404 Errors.
ACF support helps Rank Math SEO read and analyze content written in Advanced Custom Fields.
Install AMP plugin to make Rank Math work with Accelerated Mobile Pages seamlessly.
Connect Rank Math with Google Search Console to see the most important information.
Add proper Meta tags to your bbPress forum posts, categories, profiles, etc.
स्कीमा सेटअप पूरा करने के बाद जब आप आखिरी पेज पर दिए गए Save and Continue बटन पर क्लिक करते हैं, तो आप सीधे Rank Math के मुख्य डैशबोर्ड (Modules Page) पर पहुँच जाते हैं (जैसा ऊपर तस्वीर में दिखाया गया है)।
➤ डैशबोर्ड पर आने के बाद क्या होता है: इस मुख्य डैशबोर्ड पर पहुँचने के बाद आपको अपनी वेबसाइट के सभी एसईओ मॉड्यूल्स (जैसे 404 Monitor, Analytics, ACF, AMP आदि) एक ही जगह पर ऑन या ऑफ करने के लिए मिल जाते हैं।
निष्कर्ष
दोस्तों, बस इतना सा ही काम है — थोड़ा धैर्य रखकर अगर आप इन सभी स्टेप्स को सही तरीके से फॉलो करेंगे, तो आपका Rank Math SEO सेटअप बिल्कुल मजबूत हो जाएगा। लेकिन याद रखिए, सिर्फ प्लगइन सेटअप करने से ही सब कुछ नहीं होता — अच्छी कंटेंट क्वालिटी और बेहतरीन यूजर एक्सपीरियंस मिलकर ही असली एसईओ सफलता का मंत्र बनाते हैं।
हाँ, इसके लिए आपको अपने वर्डप्रेस डैशबोर्ड में जाकर Plugins > Add New पर क्लिक करना है और Rank Math SEO सर्च करके उसे Install व Activate करना है। एक्टिवेट होते ही यह आपको एक स्वागत पेज पर ले जाता है जहाँ आप अपना फ्री Rank Math Account कनेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद इसका ऑटोमैटिक Setup Wizard शुरू हो जाता है, जो पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बना देता है।
यदि आप चाहते हैं कि आपको प्लगइन की सभी एडवांस्ड सेटिंग्स, मॉड्यूल्स और इम्पोर्ट के विकल्प पूरी तरह मिलें, तो हमेशा Advanced Mode चुनना सबसे बेहतरीन माना जाता है। इससे आप अपनी वेबसाइट की जरूरत के हिसाब से हर एक फीचर को खुद कंट्रोल कर सकते हैं, जबकि Easy मोड में यह काम अपने आप ऑटोमैटिक हो जाता है।
हाँ, सेटअप विजार्ड या सेटिंग्स के दौरान आपको ‘Connect Google Services’ का विकल्प मिलता है। इस पर क्लिक करके आप अपनी उस ईमेल आईडी से लॉगिन करते हैं जिस पर आपका Search Console और Analytics बना हुआ है। इसे जोड़ने का मुख्य फायदा यह होता है कि आपको बार-बार गूगल की अलग वेबसाइट पर नहीं जाना पड़ता, बल्कि आपकी साइट का सारा परफॉर्मेंस डेटा सीधे आपके वर्डप्रेस डैशबोर्ड में ही लाइव दिखने लगता है।
बिल्कुल नहीं! Rank Math में एक बहुत ही शानदार Import & Export टूल मिलता है। जब आप सेटअप विजार्ड से गुजरते हैं या बाद में ‘Status & Tools’ में जाते हैं, तो यह एक ही क्लिक में आपके पुराने प्लगइन (जैसे Yoast SEO या All In One SEO) के सारे पुराने टाइटल्स, मेटा डिस्क्रिप्शन और सेटिंग्स को सुरक्षित रूप से Rank Math में इम्पोर्ट कर लेता है।
नहीं, आपको अलग से कोई प्लगइन डालने की जरूरत नहीं है। Rank Math के सेटअप विजार्ड में ही XML Sitemap का ऑप्शन मिल जाता है जिसे हमेशा Enable रखना होता है। इसके जरिए यह बैकग्राउंड में आपकी पूरी वेबसाइट का डिजिटल नक्शा खुद-ब-खुद तैयार कर लेता है, जिससे गूगल बॉट्स को आपके ब्लॉग Posts, Pages और Categories को क्रॉल करने में आसानी होती है।
नहीं, ऐसा बिल्कुल न करें। Rank Math एक मॉड्यूलर सिस्टम पर काम करता है। अगर आपकी वेबसाइट कोई ई-कॉमर्स स्टोर नहीं है, तो आपको प्रोडक्ट स्कीमा या लोकल एसईओ जैसे अनगिनत फीचर्स की जरूरत नहीं है। अपनी वेबसाइट को हल्का और सुपरफास्ट बनाए रखने के लिए हमेशा Unnecessary features/modules को बंद (Disable) रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है।
सेटअप पूरा होने के बाद जब आप कोई नया पोस्ट लिखते हैं, तो Rank Math का Content Analysis टूल साइड में अपना स्कोरबोर्ड दिखाता है। अपने फोकस कीवर्ड को टाइटल, यूआरएल, मेटा डिस्क्रिप्शन और शुरुआती पैराग्राफ में सही तरीके से रखकर, तथा उचित हेडिंग्स और लिंक्स जोड़कर आप आसानी से अपने आर्टिकल का एसईओ स्कोर 80 से ऊपर ले जा सकते हैं।






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